मैं अच्छा हूं और मेरा काम अच्छा है। मीरा बोरवणकर से मैंने बात जरूर की थी, लेकिन वह फैसला तत्कालीन राज्य सरकार का था – अजित पवार 

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मैं अच्छा हूं और मेरा काम अच्छा है। मीरा बोरवणकर से मैंने बात जरूर की थी, लेकिन वह फैसला तत्कालीन राज्य सरकार का था – अजित पवार 

पूर्व पुलिस आयुक्त मीरा बोरवणकर के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री की सफाई। कहा उक्त मामले से मेरा कोई लेना – देना नहीं है 

योगेश पाण्डेय – संवाददाता 

मुंबई – तत्कालीन राज्य सरकार द्वारा यरवडा में सरकारी भूखंड को विकास के लिए एक निजी डेवलपर को देने का निर्णय लिया गया था, वह निर्णय मेरा निजी निर्णय नहीं था। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि मेरे ऊपर लगे आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है और इस मामले से मेरा दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। अजित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी मीरा बोरवणकर द्वारा लगाए गए आरोपों पर अपना रुख स्पष्ट किया। अजित पवार ने बोरवणकर पर यह भी तंज कसा कि जब कोई व्यक्ति किताब लिख रहा होता है तो अगर वह प्रचार के लिए कुछ सनसनीखेज बातें लिखता है तो वह किताब सुर्खियों में आ जाती है, वही कोशिश इस बार भी देखने को मिल सकती है।

पूर्व पुलिस कमिश्नर मीरा बोरवणकर ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि 2010 में पुणे के येरवडा उपनगर में पुलिस की जमीन नीलाम करने का आदेश तत्कालीन संरक्षक मंत्री अजित पवार ने उन्हें दिया था। उनके आरोपों का जवाब देने के लिए उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए अजित पवार ने कहा कि हां मैं यह जरूर स्वीकार करता हूं कि मैंने उस समय बोरवणकर से संबंधित जमीन मामले पर चर्चा की थी, लेकिन मैंने उन पर यह फैसला लेने के लिए कोई दबाव नहीं डाला। अजित पवार ने कहा कि जब उन्होंने जमीन देने का विरोध किया तो मैंने भी उन्हें दोबारा परेशान नहीं किया।

एक जिले के संरक्षक मंत्री होने के नाते काम करते समय शहर की अनेकों समस्याएं सामने होती हैं। संबंधित लोग ज़ब आपको संरक्षक मंत्री के नाते कुछ बात बताते हैं, तब मजबूरन आपको उसपर ध्यान देना ही पड़ता है। गृह विभाग के फैसले के बाद तत्कालीन सरकार द्वारा लिए गए फैसले के तहत मैंने मीरा बोरवणकर से येरवडा में प्लॉट के बारे में पूछा था, उस वक्त उन्होंने प्राइवेट डेवलपर को प्लॉट देने का विरोध किया था। अजित पवार ने स्पष्ट किया कि उसके बाद मैंने उन्हें उस मामले में कभी बात नहीं की। वहीं कैबिनेट के पास ऐसे फैसले लेने का अधिकार होता है, एक अभिभावक मंत्री ऐसा फैसला नहीं ले सकता।

मेरे ऊपर लगे आरोपों के बाद विपक्षी दल मेरी जांच की मांग करने लगे हैं, निःसंदेह यह उनका अधिकार है लेकिन संबंधित जमीन वहीं का वहीं है। उस भूखंड का स्वामित्व सरकार के पास ही है, तो आप किसकी जांच कराना चाहते हैं? अजित पवार ने विपक्ष से उल्टा सवाल पूछा। अजित पवार ने जोर देकर कहा कि कथित साजिश से मेरा कोई लेना-देना नहीं है, मैं अच्छा हूं और मेरा काम अच्छा है।

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