पुणे में एक ही मंच पर साथ नजर आये प्रधानमंत्री मोदी, शरद पवार और अजित पवार

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पुणे में एक ही मंच पर साथ नजर आये प्रधानमंत्री मोदी, शरद पवार और अजित पवार

नरेंद्र मोदी लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित, 1 लाख की पुरस्कार राशि नमामि गंगे परियोजना को किया समर्पित। पुणे की सड़कों पर कांग्रेस नें लगाए पीएम गो बैक के पोस्टर्स 

योगेश पाण्डेय – संवाददाता 

मुंबई – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नें मंगलवार यानी 1 अगस्त को पुणे का दौरा किया, उन्होंने सबसे पहले दगड़ूशेठ हलवाई मंदिर जाकर भगवान गणपति की पूजा-अर्चना की। इसके बाद वो एसपी कॉलेज मैदान पहुंचे जहां उन्हें तिलक स्मारक मंदिर ट्रस्ट की ओर से लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में राकांपा सुप्रीमो शरद पवार बतौर चीफ गेस्ट मौजूद रहे। मंच पर प्रधानमंत्री मोदी के एक तरफ शरद पवार, तो दूसरी तरफ उनके भतीजे अजित पवार बैठे नजर आए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने आज दगड़ू सेठ मंदिर में पूजा की। दगड़ू सेठ पहले व्यक्ति थे, जो तिलक के आह्वान पर गणेश प्रतिमा की स्थापना में शामिल हुए थे। यह सम्मान अविस्मरणीय है। जो संस्थान सीधे तौर पर तिलकजी से जुड़ा हो, उससे लोकमान्य तिलक सम्मान सौभाग्य की बात है। अवॉर्ड के साथ जो धनराशि मुझे दी गई है, वो गंगा जी को समर्पित कर रहा हूं। नमामि गंगे परियोजना के लिए इसे दान देने का फैसला लिया है।

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकमान्य तिलक भारत के स्वतंत्रता इतिहास के माथे के तिलक हैं। देश की आजादी में उनकी भूमिका, उनके योगदान को कुछ घटनाओं और शब्दों में नहीं समेटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि मैं इस अवॉर्ड को 140 करोड़ देशवासियों को समर्पित करता हूं।

शरद पवार का प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच साझा करना विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A के नेताओं को रास नहीं आ रहा। खासकर कांग्रेस के नेताओं में इस बात को लेकर बेचैनी है कि मुंबई में होने वाली विपक्ष की आगामी बैठक से पहले शरद पवार का मोदी के साथ दिखना गलत संदेश देगा। विपक्ष को यह भी अंदेशा है कि भाजपा जानबूझकर ऐसा कर रही है, ताकि विपक्ष बंटा हुआ नजर आये।

प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने राष्ट्र की प्रगति और विकास के लिए काम किया है। इनके योगदान को केवल उल्लेखनीय और असाधारण रूप में देखा जा सकता है। यह पुरस्कार हर साल 1 अगस्त को लोकमान्य तिलक की पुण्यतिथि पर दिया जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी से पहले यह पुरस्कार पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा और प्रणब मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के अलावा मशहूर व्यवसायी एन आर नारायणमूर्ति और ‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन जैसे 40 दिग्गजों को दिया जा चुका है।

इसी दौरान प्रधानमंत्री ने पुणे मेट्रो के पहले चरण के दो कॉरिडोर पर मेट्रो सेवाओं का इनॉगरेशन किया। ये मेट्रो फुगेवाड़ी स्टेशन से सिविल कोर्ट स्टेशन और गरवारे कॉलेज स्टेशन से रूबी हॉल क्लिनिक स्टेशन तक चलेगी। प्रधानमंत्री ने 2016 में इस परियोजना की आधारशिला रखी थी।

इससे पुणे शहर के शिवाजी नगर, सिविल कोर्ट, पुणे महानगर पालिका कार्यालय, पुणे RTO और पुणे रेलवे स्टेशन जुड़ जाएंगे। सिविल कोर्ट मेट्रो स्टेशन देश के सबसे गहरे मेट्रो स्टेशनों में से एक है, इसमें 33.1 मीटर का सबसे गहरा पॉइंट है। इस स्टेशन की छत को इस तरह से बनाया गया है कि धूप सीधी प्लेटफॉर्म पर पड़े। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने पुणे में शिवाजी नगर पुलिस मुख्यालय में विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया।

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