शरद पवार का गुरु यशवंतराव चव्हाण को नमन। कराड में किया शक्ति प्रदर्शन 

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शरद पवार का गुरु यशवंतराव चव्हाण को नमन। कराड में किया शक्ति प्रदर्शन 

5 तारीख को बुलाई पार्टी की मीटिंग, कहा नए सिरे से करेंगे शुरुआत। भाजपा पर साधा निशाना कहा चुनी हुईं सरकारों को गिराने में लगी है भाजपा

योगेश पाण्डेय – संवाददाता

मुंबई – राकांपा में बगावत के बीच शरद पवार सोमवार को गुरु पूर्णिमा निमित्त सातारा के कराड में अपने गुरु पूर्व मुख्यमंत्री यशवंत राव चाव्हाण की समाधि पर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भाजपा देशभर में चुनी हुई सरकारों को गिरा रही है, महाराष्ट्र में भी ऐसा ही हुआ है। महाराष्ट्र की जनता को एकजुट होकर अपनी ताकत दिखानी होगी।

उन्होंने कहा|कि महाराष्ट्र में जातिवाद की राजनीति नहीं चलेगी। बड़ों के आशीर्वाद के साथ हम नई शुरुआत करेंगे। हमने 5 जुलाई को पार्टी के सभी नेताओं की मीटिंग बुलाई है। इस दौरान बड़ी संख्या में उनके समर्थक मौजूद रहे। इसे शरद पवार के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है। इस बीच अजित पवार, छगन भुजबल के साथ देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास पहुंचे।

अजित पवार और 8 अन्य विधायकों के बगावत के बाद राकांपा ने सभी बागियों को डिस्क्वॉलिफाई करने के लिए विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर और चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि पार्टी की कमान शरद पवार के पास है। शरद पवार ने 1999 में पार्टी की स्थापना की थी। अजित पवार की पार्टी पर दावे से जुड़ी किसी भी अपील पर कार्रवाई करने से पहले उनके पक्ष को भी सुनें।

इस बीच पार्टी ने जितेंद्र आव्हाड को विधानसभा में विपक्ष का नेता और मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) नियुक्त किया है। इससे पहले अजित पवार के पास ये जिम्मेदारी थी।

उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सोमवार को अजित ने कहा कि उनके साथ पार्टी के 53 में से 40 विधायक हैं। यानी एक तिहाई से ज्यादा। उन्होंने राकांपा छोड़कर शिवसेना-भाजपा से हाथ नहीं मिलाया है, बल्कि राकांपा के तौर पर ही यह कदम उठाया है। हमने सभी सीनियर नेताओं को भी इसकी जानकारी दे दी है।

उन्होंने कहा कि डेमोक्रेसी में मेजॉरिटी को महत्व दिया जाता है। हमारी पार्टी 24 साल पुरानी है और युवा लीडरशिप को आगे आना चाहिए। ऐसे में पार्टी पर अधिकार को लेकर चुनाव आयोग में अजित पवार गुट का दावा मजबूत रहेगा और शरद पवार को पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ सकता है।

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