विदेशी दौरों पर खर्च को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं के बाद सरकार ने रद्द किये सभी विदेश दौरे 

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विदेशी दौरों पर खर्च को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं के बाद सरकार ने रद्द किये सभी विदेश दौरे 

मुख्यमंत्री ने जनवरी में दावोस दौरे से पहले किसी अन्य विदेश दौरे को नहीं आयोजित करने का दिया निर्देश 

योगेश पाण्डेय – संवाददाता 

मुंबई – राज्य में सत्तारूढ़ महागठबंधन सरकार के मंत्रियों के विदेश दौरों की हो रही आलोचना के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिया है कि राज्य सरकार में शामिल मंत्री अगले साल दावोस दौरे को छोड़कर कोई भी विदेशी दौरा न करें। इसके चलते विदेश दौरे की तैयारी कर रहे कई मंत्रियों और अधिकारियों के जहाज अब जमीन पर उतर गए हैं।

राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस कुछ दिन पहले जापान सरकार के निमंत्रण पर जापान दौरे पर गये थे। वहीं उद्योग मंत्री उदय सामंत यूरोप के दस दिवसीय दौरे पर गये, विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोरे और करीब 22 विधायक भी विदेश दौरे पर गए। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी के नेता आदित्य ठाकरे ने सत्ता पक्ष के मंत्रियों और विधायकों के इन दौरों की जमकर आलोचना की। मंत्रीयों के दौरे पर आदित्य ठाकरे समेत विपक्ष के कई अन्य नेताओं ने भी आपत्ति दर्ज कराई थी। सूत्रों ने बताया कि मंत्रियों के विदेश दौरों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गंभीरता से लिया है। नए साल 2024 में 14 से 19 जनवरी तक ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ में सहभागिता के लिए दावोस दौरा किया जाएगा, इस दौरे पर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, उद्योग मंत्री समेत कई अन्य मंत्रियों के जाने की संभावना है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि दावोस दौरे से पहले किसी अन्य विदेशी दौरे की योजना न बनायी जाये, ताकि दावोस दौरे तक कोई विवाद पैदा न हो। बुधवार को मंत्रालय में इस बात की चर्चा रही कि शिंदे के इस दौरे से विदेश दौरे की तैयारी कर रहे कई अधिकारी और मंत्री निराश हैं।

एक ओर जहां मंत्रियों की विदेश यात्राओं पर विपक्ष निशाना साध रहा है, वहीं राज्य की महिला आर्थिक विकास महामंडल की कार्यक्रम प्रबंधक रूपा मिस्त्री 8 से 14 अक्टूबर तक ट्यूनीशिया की यात्रा पर रहेंगी, उनके इस दौरे को हाल ही में राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। चूंकि यह दौरा प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आयोजित किया गया है, इसलिए दौरा पूरा होने के बाद उन्हें सरकारी निर्णय के माध्यम से प्रशासनिक विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग को विदेशी दौरे के बारे में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। साथ ही इस यात्रा के दौरान प्राप्त जानकारी और कौशल का उपयोग अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए करने का भी सुझाव दिया गया है।

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