विश्वभर में भिवंडी की गूंज, दुनिया के सबसे धीमे शहरों में भिवंडी भी शुमार 

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विश्वभर में भिवंडी की गूंज, दुनिया के सबसे धीमे शहरों में भिवंडी भी शुमार 

नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च इन अमेरिका द्वारा 152 देशों के 1200 शहरों का किया निरिक्षण। खराब सड़कें, संकरे रास्ते, जलजमाव और ट्रैफ़िक समस्या के चलते भिवंडी पांचवे स्थान पर 

योगेश पाण्डेय – संवाददाता 

भिवंडी – पिछले कुछ वर्षों से ट्रैफिक जाम का केंद्र रहा भिवंडी शहर विश्व स्तर पर चर्चित हुआ है। अमेरिका की एक एजेंसी द्वारा कराए गए सर्वे के मुताबिक भिवंडी दुनिया के सबसे धीमे शहरों की सूची में पांचवें स्थान पर है। भिवंडी शहर में गोदामों की ओर भारी यातायात, ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध निर्माण के कारण बढ़ता शहरीकरण, संकरी और खराब सड़कें, मानसून के दौरान सड़कों पर पानी जमा होने से ट्रैफिक जाम हो रहा है।

ठाणे जिले के भिवंडी शहर को गोदामों का शहर कहा जाता है। मुंबई-नासिक हाईवे,पुराना आगरा रोड इस शहर से गुजरने वाले प्रमुख मार्ग हैं। इन मार्गों से देश-प्रदेश से भारी वाहनों को भिवंडी स्थित गोदामों की ओर ले जाया जाता है। शहर में बड़ी संख्या में हथकरघा और पावरलूम कारखाने हैं। यहां भी वाहनों का आवागमन लगातार बना रहता है। इसके अलावा भिवंडी शहर के आसपास कशेली, काल्हेर, पूर्णा इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में अवैध इमारतें बनी हैं। इसके कारण पिछले कुछ वर्षों में इन क्षेत्रों का भारी शहरीकरण हुआ है और साथ ही वाहनों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। इन वाहनों का आवागमन मुंबई-नासिक हाईवे और ओल्ड आगरा रोड से होता रहता है। ठाणे और नवी मुंबई महानगर पालिका की बसों की परिवहन सेवाएं चल रही हैं।

इस क्षेत्र की अधिकांश सड़कें संकरी हैं और उनमें से कई की हालत ख़राब है। इनमें पुराने आगरा रोड पर कशेली-काल्हेर क्षेत्र में कुछ माह पहले सीमेंट कंक्रीट की सड़कें बनाई गई थीं, हालांकि अभी भी कुछ क्षेत्रों की सड़कें खराब हैं। मुंबई-नासिक हाईवे पर हर साल मानसून के दौरान गड्ढे हो जाते हैं। इस साल भी यही तस्वीर बनी हुई है। इन गड्ढों के कारण मुंबई नासिक हाईवे पर सात से आठ किलोमीटर तक लंबा यातायात देखने क़ो मिलता है। ऐसे में वाहन चालकों को भिवंडी बाइपास से मजीवाड़ा तक की दूरी तय करने में तीन से चार घंटे लग जाते थे। इस ट्रैफिक जाम से ठाणे और कल्याण शहर भी प्रभावित हैं। कई जगहों पर जलभराव भी हो जाता है। कुल मिलाकर संकरी सड़कें, गड्ढे, जलजमाव सब यातायात को प्रभावित करते हैं और यहां यातायात धीमी गति से चल रहा है, जिसे अब वैश्विक स्तर पर दर्ज किया गया है।

निजी संस्था ‘नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च इन अमेरिका’ ने 152 देशों के 1 हजार 200 शहरों का सर्वे किया। सर्वेक्षण 12 जून से 5 नवंबर, 2019 के बीच आयोजित किया गया था। इस सर्वे के लिए संगठन ने गूगल मैप्स का इस्तेमाल किया, ऐसा देखा गया है कि भिवंडी दुनिया के सबसे धीमे शहरों की सूची में पांचवें स्थान पर है। इसके बाद छठे स्थान पर कोलकाता और 13वें स्थान पर मुंबई है। ऐसे में भिवंडी शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या एक बार फिर सामने आ गई है।

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