कलवा अस्पताल में 12 घंटों के भीतर 16 मौत, शासन और प्रशासन के फुले हाथ – पैर 

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कलवा अस्पताल में 12 घंटों के भीतर 16 मौत, शासन और प्रशासन के फुले हाथ – पैर 

सरकार के पास जवाब नहीं, अस्पताल के डिन ने पेश की सफाई। राकांपा, उद्धव गुट के साथ मनसे हुईं हमलावर

योगेश पाण्डेय – संवाददाता 

ठाणे – पिछले 12 घंटों यानी शनिवार रात से रविवार सुबह तक ठाणे महानगर पालिका के कलवा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में इलाज के दौरान 16 मरीजों की मौत हो गई है। इस मामले के सामने आने के बाद शासन – प्रशासन के बीच सनसनी मच गई है। इस मामले में राकांपा के साथ-साथ ठाकरे गुट और मनसे के नेता भी सरकार और प्रशासन के प्रति आक्रामक हो गए हैं। इस पर अब अस्पताल के डीन राकेश बारोट ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संबंधित मरीजों की मौत के कारणों का भी जिक्र किया है।

एक ही रात में 16 मरीजों की मौत के बारे में बताते हुए अस्पताल के डीन राकेश बारोट ने कहा कि मृतकों में एक चार साल का लड़का भी शामिल है, जिसने भारी मात्रा में केरोसिन पी लिया था। इसलिए हम उसे बचा नहीं सके। बाकी बचे कुछ मरीजों का पिछले कुछ दिनों से इलाज चल रहा था। कोई तीन दिन से इलाज करा रहा था तो कोई चार दिन से।

एक मरीज़ के सिर पर चोट लगी थी, इस अज्ञात मरीज की भी मौत हो गयी। एक अन्य मरीज को मस्तिष्क आघात हुआ और उसकी भी मृत्यु हो गई। दो मरीजों के फेफड़े खराब हो गए थे जिनकी मौत संक्रमण से हुई। अन्य तीन-चार मरीजों में मल्टी-ऑर्डर डिसफंक्शन था। किसी को हृदय संबंधी समस्या थी तो किसी को अनियंत्रित मधुमेह। हमने ऐसे मरीजों को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन बचा नहीं सके राकेश बारोट ने कहा।

हमने 500 बिस्तरों वाले अस्पताल में लगभग 600 मरीजों को भर्ती किया है। यहां डॉक्टर 24-24 घंटे काम कर रहे हैं। हम कभी भी किसी मरीज़ को वापस नहीं लौटाते, यहां आने वाला हर व्यक्ति गरीब या आदिवासी है। वे अक्सर अत्यावश्यक परिस्थितियों में आते हैं। वे जिस भी स्थिति में आते हैं, हम उनका इलाज करते हैं डिन ने दावा करते हुए कहा।

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