ठाणे मेन्टल अस्पताल के संविदा कर्मचारियों का आंदोलन

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ठाणे मेन्टल अस्पताल के संविदा कर्मचारियों का आंदोलन

विभिन्न मांगों को लेकर भूख हड़ताल की पुलिस ने नहीं दी इजाजत, तो काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

योगेश पाण्डेय – संवाददाता 

ठाणे : ठाणे के मेंटल अस्पताल के अनुबंध कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर जाने का फैसला किया था, लेकिन पुलिस द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने के चलते कर्मचारियों ने सोमवार को काली पट्टी बांधकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मचारी एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रशासन इस तथ्य के बावजूद ठेकेदार का समर्थन कर रहा है कि श्रम उपायुक्त के कार्यालय ने ठेकेदार के खिलाफ चार आपराधिक मामले दर्ज किए हैं और श्रमिकों का शोषण किया जा रहा है।

ठाणे मेन्टल अस्पताल का संविदा कर्मचारी पिछले 15 वर्षों से काम कर रहा है। ये कार्यकर्ता मानसिक रूप से बीमार लोगों की सेवा करने का काम करते हैं। लोकराज्य स्वयंरोजगार सेवा सहकारी समिति के माध्यम से यह कार्य विगत 4 वर्षों से चल रहा है। कर्मचारियों को उतना ही वेतन दिया जा रहा है, जितना चार साल पहले दिया जाता था। ठेकेदार द्वारा न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 का अनुपालन नहीं किया जा रहा है क्योंकि ठेकेदार द्वारा श्रमिकों को विशेष भत्ते की राशि जो हर छह महीने में बढ़ जाती है, का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

7 दिनों के भीतर मासिक वेतन भुगतान करने के न्यायालय के आदेश के बावजूद ठेकेदार कभी भी श्रमिकों को समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं करते हैं। उन्हें वेतन रसीद नहीं दी जाती है। वेतन से राज्य श्रम बीमा योजना की राशि काटने के बाद भी बीमा कार्यालय को पूरी राशि का भुगतान नहीं होने से श्रमिकों को चिकित्सा उपचार एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति का लाभ नहीं मिल पाता है। कर्मचारियों को वार्षिक अवकाश या अवकाश वेतन का भुगतान नहीं किया जाता है। श्रमिक जनता संघ के महासचिव जगदीश खैरालिया ने आरोप लगाया है कि रेनकोट, गमबूट, साबुन, तौलिया जैसी सुरक्षा सामग्री नहीं दी जाती है।

श्रम उपायुक्त के कार्यालय ने ठेकेदार के खिलाफ चार आपराधिक मामले दर्ज किए। खैरालिया ने यह भी आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रशासन ठेकेदार की मदद कर रहा है और मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। सफाईकर्मियों ने अन्याय के खिलाफ 19 जून से मेन्टल अस्पताल के सामने भूख हड़ताल शुरू करने का फैसला किया था। लेकिन वागले एस्टेट पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसलिए प्रशासन व ठेकेदार के इस अनुचित रुख के चलते सोमवार को सफाई कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। कानूनी वेतन और रसीदों का भुगतान करें। पिछले अंतर सहित वेतन से अवैध रूप से काटी गई राशि का भुगतान करें। वार्षिक अवकाश या अवकाश वेतन प्रदान करें। वेतन का भुगतान प्रत्येक माह की 7 तारीख तक किया जाए। चिकित्सा उपचार और चिकित्सा अवकाश प्रतिपूर्ति व्यय का भुगतान करें। रेनकोट, गमबूट, साबुन, तौलिया,

वर्दी जैसी सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराएं।

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