मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ आंदोलन करेंगी भाजपा, दिवा शहर की बर्बादी का आरोप लगाते हुए भाजपा दिवा शहर प्रमुख की चेतावनी

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ आंदोलन करेंगी भाजपा, दिवा शहर की बर्बादी का आरोप लगाते हुए भाजपा दिवा शहर प्रमुख की चेतावनी

20 जुलाई से मुख्यमंत्री आवास के बाहर होगा आमरण अनशन

योगेश पाण्डेय – संवाददाता 

ठाणे : दिवा में अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए भाजपा दिवा शहर अध्यक्ष रोहिदास मुंडे ने ठाणे में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आवास के सामने भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। पिछले कई महीनों से दिवा शहर में भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब विवाद की चिंगारी तेज हो गई है क्योंकि भाजपा सीधे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ अनशन करेगी।

ठाणे महानगर पालिका सीमा अंतर्गत दिवा शहर को शिवसेना का गढ़ कहा जाता है। इस निर्वाचन क्षेत्र से आठ पार्षद चुने जाते हैं। शिवसेना के अलग होने के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को इस क्षेत्र से काफी समर्थन मिला है। दिवा शहर सांसद श्रीकांत शिंदे के लोकसभा क्षेत्र में भी आता है। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस शहर में विभिन्न परियोजनाओं का भूमिपूजन और उद्घाटन किया था। हालांकि, दिवा शहर में भाजपा और शिंदे की शिवसेना के बीच बड़ा विवाद है, और अक्सर ये विवाद सामने आते रहे हैं। शिंदे गुट से पूर्व उपमहापौर रमाकांत माढ़वी का इस क्षेत्र से भाजपा में सीधा विरोध है।

भाजपा के दिवा शहर अध्यक्ष ने सोमवार को एक पत्र जारी किया, जिसमें दिवा में अनाधिकृत निर्माणों की शिकायत के बावजूद यहां निर्माणों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। मुंडे ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि महानगर पालिका के सहायक आयुक्त प्रीतम पाटिल और पूर्व उपमहापौर रमाकांत माढ़वी के वित्तीय हितों के कारण दिवा में अनधिकृत निर्माण बढ़ रहे हैं। प्रत्येक फ्लोर के लिए तीन लाख रुपये लिये जा रहे हैं। इन अनाधिकृत निर्माणों के कारण दीवा में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। दिवा शहर बर्बाद होता जा रहा है। इसलिए मुंडे ने चेतावनी दी है कि 20 जुलाई को ठाणे में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आवास के बाहर भूख हड़ताल की जाएगी। हमारी भूमिका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने की स्मार्ट सिटी को ठाणे में साकार करना है। मुंडे ने कहा कि अनधिकृत निर्माण के कारण दिवा शहर की तबाही के लिए जिम्मेदार लोगों को निलंबित किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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