शिंदे साहब सावधान, यह चाणक्य नहीं… शकुनि मामा है। मैं लोकतंत्र को मरते नहीं देख सकता – जितेंद्र अव्हाड़

शिंदे साहब सावधान, यह चाणक्य नहीं… शकुनि मामा है। मैं लोकतंत्र को मरते नहीं देख सकता – जितेंद्र अव्हाड़

जितेंद्र अव्हाड़ पर छेड़छाड़ का मुक़दमा दर्ज, मुख्यमंत्री पर साधा जमकर निशाना

योगेश पाण्डेय – संवाददाता 

ठाणे – विवादित फिल्म हर हर महादेव के शो को जबरन बंद कराने के आरोप में गिरफ्तार हुए राकांपा विधायक जितेंद्र अव्हाड की ज़मानत के 72 घंटे के भीतर एक और मामला दर्ज किया गया है। इस घटना से ठाणे की राजनीति गरमा गई है। विधायक जितेंद्र अव्हाड़ के खिलाफ ठाणे आयुक्तालय के मुंब्रा पुलिस स्टेशन में छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किया गया है। जितेंद्र अव्हाड ने इस बारे में ट्वीट कर कहा है कि वो विधायकी से इस्तीफा देने का फैसला ले रहे हैं क्योंकि वह अपनी आंखों के सामने लोकतंत्र को मरते हुए नहीं देख सकते। उन्होंने अपने ट्वीट में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तंज कसते हुए लिखा चाणक्य नहीं, शकुनि मामा…शिंदे साहब सावधान रहें। उधर, अव्हाड पर मुकदमे के बाद से ठाणे, मुंब्रा समेत कई इलाकों में राकांपा समर्थक हिंसक हो गए हैं।

दरअसल मुंब्रा की एक 40 वर्षीय महिला सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा इस मामले में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि जितेंद्र अव्हाड भीड़ में आगे बढ़ रहे थे, उन्होंने उसे दोनों कंधों को अनुचित तरीके से छूते हुए धक्का दिया और कहा तुम बीच में क्यों खड़ी हो? एक तरफ से बाहर निकलो और उसे भीड़ के दूसरी तरफ धकेला। महिला ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात के बाद तुरंत मुंब्रा पुलिस थाने में जाकर मामला दर्ज कराया।

मुंब्रा पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जितेंद्र अव्हाड के खिलाफ छेड़छाड़ की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है। जमानत पर बाहर चल रहे विधायक जितेंद्र अव्हाड ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर कहा कि पुलिस ने 72 घंटे में मेरे खिलाफ दूसरा झूठा मामला दर्ज किया और वह भी धारा 354, मैं इसके खिलाफ लड़ूंगा।

छेड़छाड़ के मुकदमे के बाद राकांपा विधायक जितेंद्र अव्हाड़ ने ट्वीट करते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर जमकर निशाना साधा है। पार्टी सूत्र बता रहे हैं कि इसका संबंध शिंदे समूह के प्रवक्ता नरेश म्हस्के के लिए हो सकता है। अव्हाड ने दावा किया कि सभी नियमों का उल्लंघन कर उन्हें अवैध रूप से गिरफ्तार किया गया था। साथ ही जब उन्हें सुनवाई के लिए कोर्ट लाया गया तो उन्होंने अपने परिवार से बात करते हुए सनसनीखेज दावा किया। जब मैं पुलिस हिरासत में था, अधिकारियों को लगातार चाणक्य के फोन आ रहे थे। चर्चा थी कि चाणक्य द्वारा जितेंद्र आव्हाड़ को पुलिस हिरासत में भी भोजन मिलने से रोकने के प्रयास किए गए थे।

उधर जितेंद्र आव्हाड के खिलाफ लगातार दो मुकदमों के बाद से ठाणे की राजनीति में गर्माहट बढ़ गई है। राकांपा समर्थक कई जगहों पर हिंसक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। रिपोर्ट है कि ठाणे, मुंब्रा और कुछ अन्य इलाकों में इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं।

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