महाराष्ट्र के हाथ से फिसली एक और परियोजना, गुजरात के बजाए मध्यप्रदेश को मिला ठेका

महाराष्ट्र के हाथ से फिसली एक और परियोजना, गुजरात के बजाए मध्यप्रदेश को मिला ठेका

बिजली उत्पाद संयन्त्र निर्माण परियोजना को लेकर मवीआ ने शिंदे – फडणवीस सरकार को घेरा। फडणवीस ने कहा हमें मिलेगी कई बड़ी और अच्छी परियोजना जल्द

योगेश पाण्डेय – संवाददाता 

मुंबई – देश में बढ़ती बिजली समस्या को लेकर कामोंबेसआठ राज्य बिजली और गैर-नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में उपकरण निर्माण परियोजनाओं की स्थापना के लिए प्रतिस्पर्धा में थे, इनमें मध्य प्रदेश की जीत के साथ ही महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी और शिंदे-फडणवीस सरकार के बीच एक नये विवाद की जन्म दे दिया है। कांग्रेस और राकांपा ने आलोचना करते हुए कहा है कि शिंदे-फडणवीस सरकार के दौरान राज्य के हाथों एक और परियोजना फिसल गई। इस टिप्पणी का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आश्वासन दिया कि भविष्य में राज्य में बड़े और अच्छे निवेश आएंगे।

केंद्र सरकार द्वारा पिछले मई महीने में बिजली मंत्रालय के तहत उपकरण निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए राज्यों से प्रस्ताव आमंत्रित किए थे। आठ राज्यों अर्थात् महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और तेलंगाना ने तदनुसार प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे। इन आठ राज्यों के प्रस्तावों की जांच के बाद केंद्र की विशेषज्ञ समिति ने मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास बोर्ड के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए राज्य में इस परियोजना को स्थापित करने की अनुमति प्रदान कर दी है। ऊर्जा मंत्रालय ने मध्य प्रदेश सरकार को भेजे एक पत्र में कहा है कि मध्य प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को सबसे ज्यादा अंक मिलने के चलते यह परियोजना वहां स्थापित की जाएगी।

विगत कुछ महीनों में महाराष्ट्र के हाँथ से फॉक्सकॉन-वेदांता, टाटा-एयरबस, बल्क ड्रग्स जैसे प्रोजेक्ट पडोसी राज्य गुजरात की झोली में चले गए हैं। इसको लेकर शिंदे-फडणवीस सरकार की चौतरफा आलोचना हुई। अब कांग्रेस और राकांपा ने विद्युत उपकरण निर्माण परियोजना हासिल करने में राज्य की विफलता को लेकर एक बार फिर शिंदे-फडणवीस सरकार पर ठीकरा फोडा है। कांग्रेस महासचिव सचिन सावंत ने आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा की यह डबल इंजन सरकार राज्य को तेजी से पीछे ले जा रही है। दूसरी ओर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता महेश तपासे ने भी शिंदे-फडणवीस सरकार की आलोचना करते हुए कहा शिंदे-फडणवीस सरकार के दौरान परियोजनाएं राज्य से बाहर जाने लगी हैं। सरकार आउटबाउंड परियोजनाओं को रोकने में पूरी तरह से विफल रही है। अगर यह सरकार नए प्रोजेक्ट नहीं रोक सकती तो नए प्रोजेक्ट कैसे लाएगी? यह केवल खोखली घोषणाएं करने वाली सरकार है।

फडणवीस ने नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मेरी वायरल हो रही फोटो पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। राज्य से बाहर चले गए उद्योग और परियोजनाएं महाविकास अघाड़ी सरकार के कारण चली गईं। जब केंद्र सरकार ऐसी परियोजनाओं को तैयार करती है तो सभी राज्यों से निविदाएं आमंत्रित की जाती हैं। इनमें से कुछ राज्यों को प्रोजेक्ट मिलते हैं।

विद्युत उपकरण निर्माण परियोजना राज्य से बाहर चली गई है। केंद्र सरकार ने महाविकास अघाड़ी सरकार के दौरान प्रस्ताव मांगे थे। यह सरकार थी जिसने केंद्र को प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। इसलिए उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूछा कि यह हमारी सरकार की विफलता कैसे है। तीन उत्पादन परियोजनाएं स्थापित की जानी हैं। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि इनमें से एक परियोजना मध्य प्रदेश को जाएगी और शेष दो परियोजनाएं राज्य को दी जाएंगी।

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