इकबाल सिंह चहल, सीताराम कुंटे और सुरेश काकानी को कोर्ट का सम्मन

इकबाल सिंह चहल, सीताराम कुंटे और सुरेश काकानी को कोर्ट का सम्मन

कोरोना टीकाकरण मुद्दे पर भेदभाव कर, नागरिकों के मौलिक अधिकारों के हनन का है आरोप। 11 जनवरी की सुनावाई में पेशी का सख्त आदेश

योगेश पाण्डेय – संवाददाता 

मुंबई – मुलुंड मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने राज्य के पूर्व मुख्य सचिव सीताराम कुंटे, मुंबई महानगर पालिका आयुक्त इकबालसिंह चहल और पूर्व अतिरिक्त महानगर आयुक्त सुरेश काकानी को टीका लगाने वाले और बिना टीकाकरण वाले नागरिकों के बीच भेदभावपूर्ण आदेश के संबंध में दर्ज एक शिकायत का संज्ञान लेने के बाद तलब किया।

तीनों प्रतिवादियों ने वैक्सीन निर्माण कंपनियों को लाभ पहुंचाने और नागरिकों के जीवन को खतरे में डालने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत राष्ट्रीय प्राधिकरण द्वारा घोषित नियमों का उल्लंघन किया। साथ ही जबरन टीकाकरण कराया गया,ऐसी शिकायत सिटीजन मूवमेंट ग्रुप के सदस्य अंबर कोइरी (51) ने की थी और कुंटे, चहल और काकानी के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी करने की भी मांग की। अदालत ने इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कुंटे, चहल और काकानी को समन जारी किया। इस मामले की सुनवाई 11 जनवरी को तय की गई है। इस दौरान इन तीनों को व्यक्तिगत रूप से या अपने प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है।

शिकायत में सर्वोच्च न्यायालय के मौलिक अधिकारों और निर्णयों का हवाला दिया गया है, जिसके अनुसार टीकाकृत और अशिक्षित नागरिकों के बीच कोई भेद नहीं किया जा सकता है। वैक्सीन लेने के बाद भी आप दोबारा संक्रमित हो सकते हैं और वायरस फैला सकते हैं। दरअसल, शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि ऐसे नागरिक बड़े पैमाने पर कोरोना वायरस फैला सकते हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि टीकाकरण के मुद्दे पर भेदभाव कर नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया है।

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