अँधेरी विधानसभा उपचुनाव में फंसा पेंच, उद्धव गुट को झटका देने की तैयारी

अँधेरी विधानसभा उपचुनाव में फंसा पेंच, उद्धव गुट को झटका देने की तैयारी

ऋतुजा लटके के इस्तिफे को लेकर असमंजस में उम्मीदवारी, उद्धव गुट की कोर्ट से गुहार

योगेश पाण्डेय – संवाददाता 

मुंबई : अंधेरी पूर्व विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने में महज दो दिन शेष होने के बावजूद शिवसेना उम्मीदवार ऋतुजा रमेश लटके ने अभी तक अपना नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया है। ऋतुजा लटके मुंबई महानगर पालिका की कर्मचारी हैं। अंधेरी से उपचुनाव लड़ने के लिए ऋतुजा लटके ने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि इस इस्तीफे को अभी तक मुंबई महानगर पालिका की ओर से मंजूरी नहीं मिली है, इसके चलते ऋतुजा लटके को चुनाव आयोग द्वारा अयोग्य घोषित किया जा सकता है यदि वह उपचुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी दाखिल करती हैं जब तक कि इस इस्तीफे को मंजूरी नहीं दी जाती। इसलिए महानगर पालिका के लिए आज या कल ऋतुजा लटके के इस्तीफे को मंजूरी देना बेहद जरूरी है। हालांकि आरोप लगाया जा रहा है कि शिंदे गुट मनपा आयुक्त इकलाब सिंह चहल पर दबाव बना रहा है ताकि ऋतुजा लटके का इस्तीफा स्वीकार न किया जाए। इसलिए कई दिनों बाद भी ऋतुजा लटके के इस्तीफे को मंजूरी नहीं मिली है।

ऋतुजा लटके का इस्तीफा स्वीकार करने के लिए ठाकरे समूह ने कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका पर बुधवार को सुनवाई होने की संभावना है। ऐसे में अब देखना होगा कि ऋतुजा लटके के इस्तीफे को लेकर कोर्ट मुंबई महानगर पालिका को कोई निर्देश देती है या नहीं।

ऋतुजा लटके अंधेरी में मुंबई महानगर पालिका के के / ईस्ट वार्ड ऑफिस की कर्मचारी हैं। अंधेरी पूर्व उपचुनाव लड़ने के लिए उन्हें नियमानुसार अपनी नौकरी से इस्तीफा देना होगा। इसी के तहत उन्होंने 3 अक्टूबर को अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया। हालांकि इस इस्तीफे को अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। ठाकरे समूह का आरोप है कि शिंदे समूह के दबाव के कारण इस्तीफा मंजूर नहीं किया जा रहा है।

ऋतुजा लटके का इस्तीफा मंजूर कराने के लिए शिवसेना के पदाधिकारी पिछले कुछ दिनों से पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। सोमवार को मनपा मुख्यालय में शिवसेना के कुछ पदाधिकारीयों ने बैठक भी की। महानगर पालिका के नियमों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से सेवानिवृत्त होना चाहता है तो उसे तीन महीने का नोटिस देना होगा और यदि वह इस्तीफा देना चाहता है तो उसे एक महीने का नोटिस देना अनिवार्य है। एक माह का नोटिस नहीं देने पर एक माह का मूल वेतन जमा करना होगा। शिवसेना के पदाधिकारियों को के /ईस्ट डिवीजन से अनापत्ति प्राप्त हुई है और मूल वेतन की राशि 67 हजार 590 रुपये मनपा के खजाने में भुगतान कर दी गई है। हालांकि ऋतुजा लटके का इस्तीफा स्वीकार करने पर अंतिम फैसला मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल के हाथ में है। ऋतुजा लटके ने 3 अक्टूबर को इस्तीफा दे दिया है और एक महीने की अवधि पूरी नहीं करने पर तकनीकी मुद्दा उठाया जा रहा है। खबर है कि इस मुद्दे पर शिंदे समूह द्वारा इकबाल सिंह चहल पर दबाव बनाया जा रहा है। इसलिए अभी ऋतुजा लटके के इस्तीफे को मंजूरी नहीं मिली है।

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