किराया वृद्धि को लेकर यूनियन और यात्री पंचायत की सरकार से नाराजगी

किराया वृद्धि को लेकर यूनियन और यात्री पंचायत की सरकार से नाराजगी

रिक्शा किराया 2 रुपये और टैक्सी किराये में 3 रुपये की वृद्धि से यूनियन नाखुश, खटुआ समिति की सिफारिशों के आधार पर यात्री पंचायतों ने भी उठायी आवाज

योगेश पाण्डेय – संवाददाता 

मुंबई : सीएनजी की दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए परिवहन विभाग ने मुंबई में रिक्शा-टैक्सी चालक संघो द्वारा की गई मांग के अनुरूप खटुआ समिति की सिफारिश के अनुसार किराया बढ़ाने का फैसला किया है। लेकिन यात्रा रियायत को लेकर समिति की अहम सिफारिश को अभी तक लागू नहीं किया गया है। समिति ने अगले आठ किलोमीटर तक काली और पीली टैक्सियों से यात्रा करने वाले यात्रियों को 15 से 20 प्रतिशत छूट देने की सिफारिश की थी। इसके साथ ही अन्य यात्री रियायतें कागजों पर ही रह जाती हैं। मुंबई उपभोक्ता पंचायत ने इस ओर परिवहन विभाग का ध्यान आकर्षित किया है।

कुछ साल पहले सरकार ने हकीम समिति को भंग कर दिया और रिक्शा-टैक्सी किराया वृद्धि और अन्य मुद्दों को सुलझाने के लिए एक सदस्यीय खटुआ समिति का गठन किया। इस समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट की सिफारिशों को 2020 में अपनाया गया था। समिति की अनुशंसा के अनुसार किराए में वृद्धि की जा रही है। सीएनजी के बढ़ते दाम से फिर से किराया बढ़ाने की मांग उठने लगी है और 1 अक्टूबर से रिक्शा के न्यूनतम किराए में 2 रुपये और टैक्सियों के न्यूनतम किराए में 3 रुपये की बढ़ोतरी का फैसला किया गया है। लेकिन यात्रियों को लाभकारी रियायतें देने की खटुआ समिति की अहम सिफारिश अभी कागजों तक ही सिमट कर रह गई है।

रिक्शा-टैक्सी के लिए नया किराया फॉर्मूला तय करते समय टैक्सियों के लिए आठ चरणों और रिक्शा के लिए चार चरणों में रियायत तय की गई थी। इसमें काली और पीली टैक्सी से अगले आठ किलोमीटर तक यात्रा करने वाले यात्रियों को 15 से 20 प्रतिशत छूट देने की सिफारिश की गई थी। साथ ही यह भी सिफारिशें की गईं कि मुंबई में मध्यरात्रि 12 बजे से सुबह 5 बजे के बीच रिक्शा-टैक्सी से यात्रा करने वाले यात्रियों पर कोई किराया वृद्धि नहीं की जानी चाहिए, दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच काम के लिए बाहर जाने वाले बुजुर्गों, गृहिणियों आदि के लिए रियायती किराए पर शुल्क लिया जाना चाहिए। इन सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया, लेकिन लागू नहीं किया गया। इसलिए मुंबई उपभोक्ता पंचायत के कार्यकारी अध्यक्ष शिरीष देशपांडे ने मांग की है कि सरकार खटुआ कमेटी की सभी सिफारिशों को मान कर रिक्शा-टैक्सी के किराए में बढ़ोतरी पर फैसला करे।

मुंबई ऑटोरिक्शा टैक्सीमैन यूनियन ने मांग की है कि रिक्शा-टैक्सी व्यवसाय के लिए आवश्यक सीएनजी 40 प्रतिशत की रियायती दर पर उपलब्ध होनी चाहिए। यह मांग पूरी नहीं होने तक खटुआ कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक मांग की गई थी कि रिक्शा-टैक्सी मालिकों को अंतरिम वेतन दिया जाए। हालांकि, राज्य सरकार ने मनमाने तरीके से अनुचित किराया वृद्धि की घोषणा की है। मुंबई ऑटोरिक्शा टैक्सीमैन यूनियन के शशांक राव ने मांग की है कि जो वृद्धि दी गई है वह कम है और रिक्शा का किराया कम से कम पांच रुपये बढ़ाया जाए।

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