शिवसेना सांसद के घर ईडी की छापेमारी, पत्रा चाल और पीएमसी बैंक घोटाले में कार्यवाही 

शिवसेना सांसद के घर ईडी की छापेमारी, पत्रा चाल और पीएमसी बैंक घोटाले में कार्यवाही 

संजय राउत की हो सकती है गिरफ्तारी, ईडी दफ्तर के बाहर सुरक्षा कड़ी। संजय राउत के घर के बाहर शिवसैनिकों की भारी भीड़

योगेश पाण्डेय – संवाददाता 

मुंबई – शिवसेना सांसद संजय राउत के घर रविवार सुबह साढ़े सात बजे ही ईडी की टीम पहुंच गई। पहले राउत के कमरे की तलाशी ली गई टीम में करीब 10 से 12 अफसर शामिल हैं, इनमें से सात राउत के घर पर हैं, बाकी उनके दो करीबियों के घर कार्रवाई कर रहे हैं। राउत के अलावा उनके परिवार से भी पूछताछ की जा रही है। महाराष्ट्र के 1034 करोड़ के पत्रा चॉल जमीन घोटाला मामले में ईडी की टीम संजय राउत से पूछताछ कर रही है। वहीं, ईडी दफ्तर पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है जिसके चलते यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि संजय राउत को हिरासत में लेकर यहां लाया जा सकता है।

संजय राउत को 27 जुलाई को ईडी ने तलब किया था। वह अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुए थे। इसके बाद ईडी के अधिकारी उनके घर पहुंचे हैं। संजय राउत और उनके विधायक भाई सुनील राउत दोनों इस वक्त अपने भांडुप के मैत्री बंगले पर मौजूद हैं।

ईडी की कार्रवाई शुरू होने के बाद संजय राउत ने ट्वीट करके अपनी सफाई दी। राउत ने कहा- मेरा किसी घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है। मैं शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की शपथ लेकर यह कह रहा हूं। बालासाहेब ने हमें लड़ना सिखाया है। मैं शिवसेना के लिए लड़ना जारी रखूंगा। यह झूठी कार्रवाई है। झूठा सबूत है। मैं शिवसेना नहीं छोड़ूंगा। मैं मर भी जाऊं तो समर्पण नहीं करूंगा।

वहीं दूसरी ओर संजय राउत के घर ईडी की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही शिवसेना कार्यकर्ता उनके घर के बाहर जमा होना शुरू हो गए और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

ज्ञात हो के यह मामला मुंबई के गोरेगांव इलाके में पत्रा चॉल से जुड़ा है। यह महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी का भूखंड है। इसमें करीब 1034 करोड़ का घोटाला होने का आरोप है। इस केस में संजय राउत की नौ करोड़ रुपए और राउत की पत्नी वर्षा राउत की दो करोड़ रुपए की संपत्ति पहले ही ईडी द्वारा जब्त हो चुकी है।

आरोप है कि रीयल एस्टेट कारोबारी प्रवीण राउत ने पत्रा चॉल में रह रहे लोगों से धोखा किया। एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस भूखंड पर 3000 फ्लैट बनाने का काम मिला था। इनमें से 672 फ्लैट पहले से यहां रहने वालों को देने थे। शेष म्हाडा और उक्त कंपनी को दिए जाने थे, लेकिन साल 2011 में इस विशाल भूखंड के कुछ हिस्सों को दूसरे बिल्डरों को बेच दिया गया था।

2020 में महाराष्ट्र में सामने आए पीएमसी बैंक घोटाले की भी जांच हो रही थी, तभी प्रवीण राउत की कंस्ट्रक्शन कंपनी का नाम सामने आया था। तब पता चला कि बिल्डर की पत्नी के बैंक खाते से संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को 55 लाख रुपए का कर्ज दिया गया था। ईडी की टीम इसी बात की जांच कर रही है कि ये ट्रांजेक्शन क्यों किया गया। आरोप है कि संजय राउत ने इसी पैसों से दादर में एक फ्लैट खरीदा था। प्रवीण राउत गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व निदेशक रह चुके हैं।

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