भिवंडी के दो आदिवासी बच्चों की बंधुआ मजदूरी से मुक्ति

भिवंडी के दो आदिवासी बच्चों की बंधुआ मजदूरी से मुक्ति

भेड़ों के पालन हेतु ले जाया गया था अहमदनगर

भिवंडी – इगतपुरी तालुक के गौरी आगाविले की संदिग्ध मौत के बाद, यह पता चला है कि भेंड़ पालने वाले मजदूरों के बच्चों के माता-पिता को कौड़ी के दाम देकर नासिक के अहमदनगर इलाके में भेड़ो की देखभाल व चराने के लिए बच्चों को ले जाने का मामला प्रकाश में आया था। इस प्रकरण में घोटी, अकोले, और धुलेवाड़ी में एक मामला दर्ज किए जाने के बाद उसका असर भिवंडी तालुका तक पहुंच गया है। दोनों बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराने के बाद पड़घा थाने में भेड़ पालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इगतपुरी में हुई घटना के बाद श्रमजीवी संगठन ने खुलासा किया कि नासिक क्षेत्र में 30 बच्चों को इस तरह से प्रताड़ित किया जा रहा था, जब ठाणे जिले में इसकी तलाशी ली गई, तो पता चला कि भिवंडी तालुका के दो बच्चों को अहमदनगर जिले में इसी तरह से प्रताड़ित किया जा रहा था। बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए दोनों लड़को की पहचान राहुल दिलीप पवार 17 वर्ष और अरुण रामू वाघे 12 वर्ष के रूप में हुई है।

अहमदनगर जिले के भिवा गोयकर ने भिवंडी तालुका में पड़घा के पास वडवली के खोताचा पाड़ा के दिलीप पवार के पास आकर कहा कि उन्हें भेड़ों की देखभाल के लिए एक मजदूर की जरूरत है और मांग की कि उनका 17 साल का बेटा राहुल उसके साथ आए और वह उसकी शादी की व्यवस्था करेगें यह कह कर उसने उनके परिवार को 1500 रुपये देकर साथ ले गया। पिछले डेढ़ साल से उसे अपने पास रखते हुए और उससे अधिक श्रम का काम प्राप्त करते हुए, उसने बिना पैसे दिए उसका शारीरिक और आर्थिक रूप से शोषण किया गया था।

दूसरे मामले में पिछले साल पडघा के पास वाफाले में रामू वाघे के गांव में भेड़ पालने वाला संभाजी खाताल अहमदनगर ने बताया कि उनकी पत्नी हमेशा बीमार रहती जिसके लिए एक मजदूर की जरूरत है, यह कहकर उसके बेटे अरुण को उसे 500 रुपये देकर अपने साथ ले गया। अरुण करीब डेढ़ साल से संभाजी खटाल के लिए काम कर रहा था। इगतपुरी में हुई घटना के बारे में पढ़कर खटाल अरुण को उसके घर ले आ कर छोड़ गया। इस मामले की जानकारी श्रमजीवी संगठन जया केशव पारधी, आशा नारायण भोईर, मारुति भांगरे, संतोष भेरे के कार्यकर्ताओं को जैसे ही पता चला तो वे बच्चों को लेकर पड़घा थाने पहुंचे। बंधुआ मजदूरी से मुक्त हुए बच्चों के परिजनों द्वारा पुलिस स्टेशन अपनी व्यथा व्यक्त करने के बाद पडघा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दिनेश कटके ने भेड़पालक भीवा गोयकर और संभाजी खताल के खिलाफ बंधुआ मजदूरी उन्मूलन अधिनियम 1976 की धारा 16, 17, 18, बाल श्रम रोकथाम अधिनियम 1986 की धारा 3, 14 व एट्रोसिटी के तहत मामला दर्ज किया है।

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