लम्पी वायरस के चलते पशुओं को खोने वाले किसानों को सरकारी सहायता 

लम्पी वायरस के चलते पशुओं को खोने वाले किसानों को सरकारी सहायता 

कॉन्ट्रैक्ट प्रणाली से केवल 11 महीने के लिए पशुसंवर्धन विभाग में भरे जायेंगे अधिकारी। महकमें में कुल 1452 रिक्तियाँ

योगेश पाण्डेय – संवाददाता 

मुंबई : राज्य में लम्पी वायरस की बीमारी के चलते अपने मवेशियों को खो चुके किसानों और चरवाहों को राज्य सरकार ने 16 से 30 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। साथ ही लम्पी के प्रकोप को रोकने के लिए पशुपालन विभाग में लगभग डेढ़ हजार रिक्त पदों को अस्थाई अवधि के लिए अनुबंध के आधार पर तत्काल भरा जाएगा। इसमें पशुसंवर्धन विकास अधिकारी और पशुसंवर्धन पर्यवेक्षक के पद शामिल हैं। सूखा पशु (बैल) के लिए 25 हजार रुपये प्रति पशु तीन पशु तक और बछड़ों के लिए 16 हजार रुपये। यह सहायता तीन छोटे ड्राफ्ट जानवरों को दी जाएगी।

लम्पी वायरस संक्रमण के कारण अपने मवेशियों को खोने वाले मालिकों को राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण नीति के मानदंडों के अनुसार वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस निर्णय को लागू करने के लिए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया गया है।

संविदा अधिकारियों को 50,000 रुपये प्रति माह का भुगतान किया जाएगा। साथ ही पशुसंवर्धन पर्यवेक्षकों को 15 हजार रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जाएगा। पशुपालन विभाग ने आदेश में स्पष्ट किया है कि ये रिक्तियां केवल 11 माह के लिए ही भरी जाएंगी।

लम्पी के प्रकोप को रोकने के लिए पशुपालन आयुक्तालय में लगभग डेढ़ हजार रिक्त पदों को संविदा के आधार पर बाह्य प्रणाली के माध्यम से अस्थायी आधार पर भरा जाएगा। इसके अनुसार पशुसंवर्धन विकास अधिकारी संवर्ग के 293 पदों पर भर्ती की जाएगी। साथ ही पशुसंवर्धन पर्यवेक्षक के 1159 पद इसी प्रकार भरे जाएंगे।

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