सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले शिंदे गुट का फैसला, धनुष बाण हमारे पास ही रहेगा

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले शिंदे गुट का फैसला, धनुष बाण हमारे पास ही रहेगा

भरत गोगवले के बयान से सकते में सत्ता और विपक्ष। शिंदे बनाम ठाकरे की सुनवाई में लगेंगे 5 साल

योगेश पाण्डेय – संवाददाता 

मुंबई : शिवसेना से बगावत के बाद एकनाथ शिंदे और अन्य विधायको ने भाजपा के साथ गठबंधन कर राज्य में सत्ता स्थापित कर लिया। तदनुसार शिंदे गुट ने शिवसेना पर अपना दावा ठोकते हुए शिवसेना की निशानी धनुष बाण पर भी कब्जा करने की बात कही। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ में अभी भी मामला विचाराधीन चल रहा है। ऐसे में ही शिंदे गुट के विधायक के बयान ने पूरे मामले को उलझा दिया है। सुप्रीम कोर्ट में चल रही शिवसेना बनाम एकनाथ शिंदे की कानूनी लड़ाई लंबे समय तक चलने वाली है। शिंदे समूह के प्रवक्ता भरत गोगवले ने संकेत दिया है कि इस मामले के फैसले में चार से पांच साल लगेंगे। भरत गोगावले ने यह भी दावा किया है कि शिवसेना का धनुष-बाण शिंदे समूह को ही मिलेगा। उनके इस बयान से उद्धव ठाकरे की चिंता बढ़ने की संभावना है। शिवसेना बनाम एकनाथ शिंदे मामले की सुप्रीम कोर्ट में पिछले कुछ दिनों से सुनवाई नहीं हो रही है। आखिरी सुनवाई चार अगस्त को हुई थी। उसके बाद ‘तारिख पे तारीख’ चल रही है। इन सबने पहले ही शिवसेना के खेमें में बेचैनी बढ़ा दी है। भरत गोगवले का बयान इसमें और इजाफा करने वाला है।

भरत गोगवले ने एक बैठक में इस बारे में बयान दिया। कई लोगों ने भगवान को पानी में डुबो दिया था। सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई, शिंदे समूह के विधायक होंगे अयोग्य उसके बाद कई लोग उम्मीद कर रहे हैं कि हमारी सरकार गिर जाएगी। लेकिन मैं आपको बता दूं कि हमारी शिकायत संविधान पीठ के पास जा चुकी है। यह सिलसिला अब करीब चार से पांच साल तक चलेगा। भरत गोगवले ने कहा कि हम दूसरा चुनाव जीतकर सत्ता में वापस आएंगे। राजनीतिक गलियारों में उनके बयान की कई तरह से व्याख्या की जा रही है।

शिंदे-फडणवीस सरकार तब तक सुचारू रूप से चलती रहेगी जब तक कि सुप्रीम कोर्ट शिंदे समूह के 16 विधायकों को अयोग्य घोषित नहीं कर देता। अगर शिंदे-फडणवीस सत्ता में बने रहते हैं, तो भविष्य में शिवसेना के और टूटने की संभावना है। इसलिए शिवसेना अपने वकील कपिल सिब्बल के जरिए सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की गुहार लगा रही है। इस मामले में कई संवैधानिक दुविधाएं हैं। इस पर फैसला लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यीय संविधान पीठ का गठन किया है। अब हर कोई इस बात को लेकर उत्सुक है कि यह संविधान पीठ कब सुनवाई करेगी और क्या फैसला सुनाएगी।

शिवसेना की चर्चित दशहरा रैली ठाकरे गुट बनाम शिंदे गुट की नजर आ रही है। उद्धव ठाकरे द्वारा शिवसेना नेता के रूप में पदोन्नत किए गए भास्कर जाधव ने शिंदे समूह को चेतावनी दी। जाधव ने कहा था कि शिवसेना एक हिंदुत्व पार्टी है और अगर कोई राजनीतिक सत्ता को छूता है, तो उसकी राजनीतिक यात्रा भस्म हो जाएगी। शिवसेना को किसने बचाया, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि शिवसेना किसकी है। गुलाबराव पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना को बचाने के लिए सबसे बड़ा योगदान दिया है।

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