खुद के कर्मचारियों की जान लेने पर तुली है महापालिका प्रशासन, खतरनाक घोषित करने के बाद भी झोपड़पट्टी पुनर्वसन विभाग के 14 कर्मचारी कार्यरत

खुद के कर्मचारियों की जान लेने पर तुली है महापालिका प्रशासन, खतरनाक घोषित करने के बाद भी झोपड़पट्टी पुनर्वसन विभाग के 14 कर्मचारी कार्यरत…

6 दुकानों के मालिक और कर्मचारी सहित 40 लोग खतरे में..

एसएन दुबे

कल्याण- बारिश के दौरान आकस्मिक खतरे को देखते हुए जहां शहर की धोखादायक इमारतों को तोड़ा जा रहा है वहीं महापालिका प्रशासन कुछ दुकानदारों के अलावा खुद के कर्मचारियों की जान लेने पर तुली है। बतादें कि केडीएमसी मुख्यालय से सटे मनपा की 60 साल पुरानी इमारत को धोखादायक घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद इमारत के ग्राउंड फ्लोर में स्लम पुनर्वसन विभाग का कार्यालय चालू है जिसमें एक अधिकारी सहित 14 कर्मचारी काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं इसके अलावा इस इमारत में 9 दुकानें हैं जिसमें 3 दुकानदारों ने नोटिस मिलने के बाद दुकान खाली कर दिया है। झोपड़पट्टी पुनर्वसन विभाग का कार्यालय और आधा दर्जन दुकानों को मिलाकर करीब 35 से 40 लोग इमारत की ग्राउंड फ्लोर में नियमित काम कर रहे हैं, जो जान-माल के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। बताया जाता है कि मनपा मुख्यालय से सटी यह इमारत करीब 60 साल पहले नगरपरिषद के समय बनाया गया था जिसे महापालिका प्रशासन ने खतरनाक करार दिया है। इसी इमारत में ‘क’ प्रभाग क्षेत्र कार्यालय था जिसे प्रशासन ने कचोरेगांव में स्थानांतरित कर दिया है। आश्चर्यजनक बात यह है कि खतरनाक घोषित करने के बाद भी इस इमारत के ग्राउंड फ्लोर में आधा दर्जन दुकानें चालू हैं और नीचे कार्यालय में झोपड़पट्टी पुनर्वसन विभाग के 14 कर्मचारी काम कर रहे हैं।

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